UP Shiksha Mitra Salary Increase: उत्तर प्रदेश के शिक्षामित्र और अनुदेशकों के मानदेय में ₹8000 की बढ़ोतरी को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में ऐलान किया है। अब शिक्षामित्र को हर महीने ₹10000 के बदले ₹18000, जबकि अनुदेशकों को ₹17000 मानदेय मिलेगा। लंबे समय से मानदेय बढ़ोतरी की मांग कर रहे उत्तर प्रदेश के 1.43 लाख से अधिक शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को होली से पहले बड़ी खुशखबरी मिली है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए शिक्षामित्र और अनुदेशकों के लिए यह बड़ी घोषणा की है।
यूपी के शिक्षामित्र का मानदेय बढ़ोतरी की घोषणा
वर्तमान में उत्तर प्रदेश के शिक्षामित्र को ₹10000 महीना मानदेय मिल रहा है। लंबे समय से मानदेय बढ़ोतरी की मांग ये शिक्षामित्र कर रहे थे। शिक्षामित्र की मांग को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने मानदेय में ₹8000 बढ़ोतरी की घोषणा की है। अब उन्हें कुल मिलाकर ₹18000 प्रति महीना मानदेय मिल सकेगा। उत्तर प्रदेश के परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षामित्र लंबे समय से पढ़ रहे हैं। हालांकि इन शिक्षामित्रों का समायोजन सहायक अध्यापक के पद पर किया गया था और उन्हें सहायक अध्यापक के बराबर सैलरी दी जा रही थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट द्वारा समायोजन रद्द करने के बाद इन्हें दोबारा से शिक्षामित्र बना दिया गया था और ₹10000 मानदेय दिया जा रहा था। 9 सालों बाद शिक्षामित्र के मानदेय में बढ़ोतरी होने जा रही है। इससे पहले 2017 में शिक्षामित्र का मानदेय ₹3500 से बढ़कर ₹10000 किया गया था।
अनुदेशकों के मानदेय में ₹8000 की बढ़ोतरी होगी
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षामित्र के साथ ही उत्तर प्रदेश के उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ा रहे अनुदेशकों के मानदेय को लेकर भी घोषणा कर दी है। इन अनुदेशकों को पहले ₹9000 महीना मानदेय दिया जा रहा था। अब इनके मानदेय में ₹8000 की बढ़ोतरी की जाएगी और इस तरह अब अनुदेशकों को ₹17000 मानदेय हर महीने प्राप्त होगा।
1 अप्रैल से मिलेगा बढ़ा हुआ मानदेय
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विधानसभा में विपक्ष के सवालों का जवाब दे रहे थे। इस दौरान उन्होंने यह बड़ी घोषणा की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश के शिक्षामित्र और अनुदेशकों के खाते में बढ़ा हुआ मानदेय 1 अप्रैल 2026 से आना शुरू हो जाएगा। मुख्यमंत्री ने इसके साथ ही शिक्षकों और कर्मचारियों को ₹500000 तक की कैशलेस इलाज की सुविधा देने की भी घोषणा की है। ऐसे में उत्तर प्रदेश के इन लाखों कर्मचारियों की होली में और रंग भर गए हैं।
लंबे समय से चली आ रही मांग हुई पूरी
उत्तर प्रदेश के लगभग डेढ़ लाख शिक्षामित्रों की मांग पिछले 9 सालों से मानदेय बढ़ोतरी को लेकर चल रही थी। हालांकि शिक्षामित्र समान कार्य समान वेतन की मांग कर रहे थे, लेकिन सरकार ने उनके मानदेय में बढ़ोतरी करके उन्हें बड़ी राहत दी है। वहीं उत्तर प्रदेश के लगभग 30000 अनुदेशकों के मानदेय को लेकर भी लंबे समय से विवाद चल रहा था। वहीं अनुदेशकों के मानदेय बढ़ोतरी के विवाद को सुप्रीम कोर्ट ने सुलझाया और उन्हें ₹17000 मानदेय दिए जाने का आदेश दिया था। वहीं अनुदेशकों के मानदेय बढ़ोतरी के साथ-साथ सरकार ने शिक्षामित्र के मानदेय में बढ़ोतरी करके लगभग पौने दो लाख शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को बड़ी राहत दी है।
