यूपी बोर्ड परीक्षा कॉपी चेकिंग की डेट जारी, इस साल रिजल्ट जल्दी आयेगा? UP Board Exam Copy Checking

Published on: March 5, 2026
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UP Board Exam Copy Checking: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा खत्म होने के बाद अब उत्तर पुस्तिकाओं की जांच की तैयारी शुरू हो गई है। वाराणसी जिले में 19 मार्च से कॉपियों की जांच का काम शुरू किया जाएगा। इसके लिए जिले में चार मूल्यांकन केंद्र बनाए गए हैं जहां बड़ी संख्या में शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जाएगी। इस बार व्यवस्था को थोड़ा अलग तरीके से लागू किया गया है ताकि कम समय में ज्यादा कॉपियों की जांच पूरी हो सके। अधिकारियों के अनुसार एक परीक्षक को औसतन लगभग 10 मिनट में एक कॉपी जांचनी होगी। जिले में इस बार दो नए मूल्यांकन केंद्र भी जोड़े गए हैं। अनुमान है कि दूसरे मंडलों से भी बड़ी संख्या में कॉपियां वाराणसी भेजी जाएंगी जिनकी जांच यहां की जाएगी। शिक्षा विभाग के मुताबिक लगभग ढाई हजार से ज्यादा परीक्षक इस काम में लगाए जाएंगे जिससे तय समय में पूरा मूल्यांकन कार्य पूरा किया जा सके।

19 मार्च से शुरू होगी कॉपियों की जांच

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षाएं 18 फरवरी से शुरू होकर 12 मार्च तक चल रही हैं। परीक्षा खत्म होने के बाद 19 मार्च से उत्तर पुस्तिकाओं की जांच का काम शुरू कर दिया जाएगा। जिला विद्यालय निरीक्षक के मुताबिक कॉपियों की जांच का यह काम करीब 15 दिनों तक चलेगा। इस दौरान सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक मूल्यांकन किया जाएगा। वाराणसी जिले में इस बार 118 परीक्षा केंद्रों पर करीब 90298 छात्रों ने बोर्ड परीक्षा दी है। इनमें हाईस्कूल के 46074 और इंटर के 44218 छात्र शामिल रहे। परीक्षा खत्म होने के बाद सभी कॉपियां मूल्यांकन केंद्रों पर भेजी जाएंगी ताकि तय समय में उनकी जांच पूरी हो सके और रिजल्ट की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके।

जिले में बनाए गए चार मूल्यांकन केंद्र

बोर्ड की कॉपियों की जांच के लिए वाराणसी में चार अलग-अलग मूल्यांकन केंद्र बनाए गए हैं। शिक्षा विभाग ने जिन संस्थानों को इसके लिए चुना है उनमें पीएम श्री राजकीय क्वींस इंटर कॉलेज, निवेदिता शिक्षा सदन बालिका इंटर कॉलेज, भारतीय शिक्षा मंदिर इंटर कॉलेज और जेपी मेहता इंटर कॉलेज शामिल हैं। बता दें कि इन चार केंद्रों में से दो केंद्र इस बार नए बनाए गए हैं। निवेदिता शिक्षा सदन बालिका इंटर कॉलेज और जेपी मेहता इंटर कॉलेज को पहली बार मूल्यांकन केंद्र बनाया गया है। वहीं बाकी दो केंद्र पहले भी इस काम के लिए इस्तेमाल किए जाते रहे हैं। विभाग का कहना है कि चारों केंद्रों पर कॉपियां सुरक्षित तरीके से रखी जाएंगी और शिक्षकों के बैठने की अलग व्यवस्था भी की जाएगी जिससे जांच का काम बिना किसी रुकावट के हो सके।

करीब 4.5 लाख कॉपियां आने का अनुमान

शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार इस बार वाराणसी के मूल्यांकन केंद्रों पर बड़ी संख्या में कॉपियां आने की संभावना है। अनुमान लगाया जा रहा है कि दूसरे मंडलों से भी करीब साढ़े चार लाख उत्तर पुस्तिकाएं यहां जांच के लिए भेजी जा सकती हैं। इतनी बड़ी संख्या में कॉपियों की जांच के लिए करीब 2500 से ज्यादा शिक्षकों को परीक्षक बनाया जाएगा। इन परीक्षकों को अलग-अलग विषयों के हिसाब से केंद्रों पर तैनात किया जाएगा। व्यवस्था इस तरह बनाई गई है कि दो केंद्रों पर इंटरमीडिएट की कॉपियां जांची जाएंगी जबकि दो केंद्रों पर हाईस्कूल की कॉपियां जांची जाएंगी। इससे काम का दबाव संतुलित रहेगा और तय समय के भीतर मूल्यांकन पूरा किया जा सकेगा।

एक दिन में तय संख्या में ही कॉपियां जांचेंगे परीक्षक

जिला विद्यालय निरीक्षक ने बताया कि बोर्ड की तरफ से कॉपियों की जांच को लेकर साफ व्यवस्था तय की गई है। इसके तहत हर परीक्षक को सीमित संख्या में ही कॉपियां दी जाती हैं ताकि जांच सही तरीके से हो सके। हाईस्कूल की बात करें तो एक शिक्षक को एक दिन में अधिकतम 50 कॉपियां जांचने के लिए दी जाती हैं। वहीं इंटरमीडिएट में यह संख्या 45 तय की गई है। अधिकारियों के मुताबिक इस हिसाब से देखा जाए तो औसतन एक कॉपी की जांच लगभग 10 मिनट में पूरी करनी होती है। साथ ही नियम यह भी है कि जब तक दी गई कॉपियों का आधा हिस्सा जांच कर नंबर दर्ज नहीं कर दिए जाते तब तक अगला सेट नहीं दिया जाता। इससे रिकॉर्ड ठीक रखने में भी आसानी रहती है।

मूल्यांकन केंद्रों पर निगरानी और सख्त व्यवस्था

कॉपियों की जांच के दौरान निगरानी को लेकर भी खास व्यवस्था की गई है। पीएम श्री राजकीय क्वींस इंटर कॉलेज में एक कंट्रोल रूम बनाया गया है जहां से सभी मूल्यांकन कक्षों पर नजर रखी जाएगी। इसके लिए 15 दिनों तक अलग-अलग शिफ्ट में कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। वहीं हर केंद्र पर सेक्टर मजिस्ट्रेट की तैनाती भी की जाएगी ताकि पूरी प्रक्रिया नियमों के अनुसार चले। बोर्ड की ओर से पर्यवेक्षक भी नियुक्त किए जाएंगे जो समय-समय पर व्यवस्था की जांच करेंगे। अधिकारियों ने यह भी बताया कि कॉपियों की जांच शुरू होने से पहले परीक्षकों को मॉडल कॉपियां दिखाई जाएंगी और उन्हें जांच की प्रक्रिया समझाई जाएगी। मूल्यांकन के दौरान सभी परीक्षकों को अपना मोबाइल फोन बंद रखना होगा ताकि काम में किसी तरह की बाधा न आए और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी हो सके।