ITEP Latest News: 12वीं की परीक्षा में शामिल हो रहे लाखों छात्रों के लिए अब शिक्षक बनना काफी आसान हो चुका है। पहले जहां ग्रेजुएशन के बाद बी.एड., डीएलएड. करने की एक लंबी प्रक्रिया थी, लेकिन अब इसे आसान और सीधा बना दिया गया है। अलग-अलग वर्षों में स्नातक और बी.एड. करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। अब एक ही सिलेबस में दाखिला लेकर छात्र 4 साल में ही दोनों डिग्री ले सकते हैं और शिक्षक बनने के अपने करियर की शुरुआत कर सकेंगे। उत्तर प्रदेश के छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए नया शिक्षक कोर्स शुरू किया जा रहा है।
12वीं के बाद सीधे शिक्षक बनने का रास्ता
12वीं कक्षा पास करने के बाद सीधे 4 वर्षीय इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम में शामिल हो सकते हैं। छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय ने शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए 4 वर्षीय इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम शुरू करने की घोषणा की है। इस स्कीम के अंतर्गत बीए-बी.एड. और बीएससी-बी.एड. जैसे पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे। छात्रों को विषय ज्ञान के साथ-साथ शिक्षक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
अलग-अलग डिग्री लेने की जरूरत नहीं
अब तक शिक्षक बनने के लिए छात्रों को 12वीं की परीक्षा पास करने के बाद पहले 3 साल का ग्रेजुएशन करना होता था और उसके बाद 2 साल का बी.एड. या डीएलएड. पाठ्यक्रम पूरा करना होता था। इस प्रकार कुल 5 साल शिक्षक बनने के लिए स्नातक और बी.एड. कोर्स करना पढ़ना पड़ता था। लेकिन अब यह कोर्स केवल 4 साल में ही पूरा हो सकेगा, जिससे छात्रों का समय तो बचेगा ही, साथ ही आर्थिक बोझ भी कम हो जाएगा। ऐसे छात्र जो मध्यम वर्गीय परिवारों से आते हैं, उनके लिए यह बदलाव काफी राहत भरा है।
राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता को मंजूरी
राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर इस कोर्स के लिए मंजूरी दी गई है, यानी कि छात्र अब 4 वर्षीय बी.एड. कोर्स कर सकेंगे। एनसीटीई द्वारा बीए-बी.एड. और बीएससी-बी.एड. में 50-50 प्रतिशत सीटों के लिए स्वीकृति मिली है। बताते हैं कि इस पाठ्यक्रम में प्रवेश किसी स्थानीय परीक्षा से नहीं होगा, बल्कि इसके लिए राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा प्रमुख माध्यम होगा, जिसे नेशनल टेस्टिंग एजेंसी आयोजित कर रही है। ऐसे छात्र जो 2026 में 12वीं की परीक्षा में शामिल हो रहे हैं और पास हो जाते हैं, तो इस शिक्षक कोर्स के लिए आवेदन कर सकेंगे। पिछले वर्ष के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा आधिकारिक वेबसाइट से आवेदन मांगे गए हैं। इसके लिए आवेदन करने की आखिरी तारीख 10 मार्च रखी गई है। इस कोर्स में प्रवेश पूरी तरह से मेरिट, आरक्षण नीति और काउंसलिंग प्रक्रिया के आधार पर दिया जाएगा।
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नया पाठ्यक्रम हुआ तैयार
चार वर्षीय कार्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत डिजाइन किया गया है। आधुनिक व्यवस्था में विषय ज्ञान के साथ-साथ व्यवहारिक प्रशिक्षण और डिजिटल माध्यमों का उपयोग महत्वपूर्ण हो गया है। छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ ही स्कूलों में इंटर्नशिप करने का मौका भी दिया जाएगा, जिससे वे वास्तविक अनुभव प्राप्त कर सकेंगे। वहीं पाठ्यक्रम में आधुनिक शिक्षण कौशल पर भी फोकस किया गया है।
क्या है आवेदन की पूरी प्रक्रिया
इस इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम के लिए नेशनल कॉमन एंट्रेंस टेस्ट आयोजित किया जाएगा और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आवेदन करना होगा। 10 मार्च 2026 तक आवेदन किया जा सकता है। इसके लिए अभ्यर्थियों को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा और यहां रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। लॉगिन करने के बाद अपना आवेदन फॉर्म भरकर सभी जरूरी जानकारी दर्ज करनी होगी। दस्तावेज अपलोड करने के बाद फीस का भुगतान अपनी श्रेणी के अनुसार किया जाएगा। सामान्य वर्ग के लिए ₹1200, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस के लिए ₹1000 और अन्य के लिए ₹650 आवेदन शुल्क रखा गया है।
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