Donkey Farming Subsidy Scheme: केंद्र सरकार ने गधा, घोड़ा और ऊंट पालन को बढ़ावा देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। राष्ट्रीय पशुधन मिशन में अब इन पशुओं को भी शामिल कर लिया गया है, जिसके तहत 50 लाख रुपये तक की कैपिटल सब्सिडी दी जाएगी। 2019 की 20वीं पशुगणना के मुताबिक देश में गधों की संख्या घटकर करीब 1.23 लाख रह गई है और 2012 के मुकाबले इसमें लगभग 60 फीसदी की गिरावट आई है। पहले जहां गधे बोझ ढोने और निर्माण कार्य में दिखते थे वहीं अब उनका इस्तेमाल काफी कम हो गया है। इसी वजह से सरकार नस्ल संरक्षण और पालन को बढ़ावा देने के लिए आर्थिक मदद दे रही है। सरकार देश में गधों की संख्या बढ़ाना चाहती है इसलिए तागड़ी सब्सिडी देने का निर्णय किया है अगर आप भी गधे पालने के इच्छुक हैं तो आपको भी 50 लख रुपए की सरकारी सब्सिडी मिल सकती है आईए जानते हैं क्या है पूरी स्कीम।
क्या है सरकार की स्कीम
बता दें राष्ट्रीय पशुधन मिशन की शुरुआत साल 2014-15 में हुई थी, जिसे 2021-22 से नए रूप में लागू किया गया। इस स्कीम का मकसद रोजगार बढ़ाना और पशुधन की नस्ल सुधार पर काम करना है। मिशन के तहत दूध, मांस, ऊन और चारे के उत्पादन को बढ़ाने पर जोर है, साथ ही अब गधा घोड़ा और ऊंट पालन को भी इसमें जोड़ा गया है। सरकार का प्रमुख उद्देश्य इन जीवों की संख्या में बढ़ोतरी करना है साथ ही युवाओं को रोजगार भी मिल सकेगा।
गधों की घटती संख्या पर सरकार की चिंता
गधों की संख्या कम होती नजर आ रही है इसी को देखते हुए सरकार की चिंता बढ़ गई है सरकारी आंकड़ों के अनुसार देश के सिर्फ कुछ राज्यों में ही गधे बचे हैं, कई राज्यों में तो संख्या 2 से 10 तक सिमट गई है। राजस्थान, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, गुजरात, बिहार, जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में इनकी मौजूदगी ज्यादा बताई गई है। संख्या में लगातार गिरावट को देखते हुए केंद्र ने इसे संरक्षण श्रेणी में शामिल किया है।
गधे पालन पर कितनी मिलेगी सब्सिडी
अगर आप भी गधे पालन में सब्सिडी लेना चाहते हैं तो इसके लिए कुछ शर्तों को पूरा करना होगा एनएलएम के तहत कोई व्यक्ति, एफपीओ, एसएचजी, जेएलजी या धारा 8 की कंपनी अगर गधा पालन की यूनिट लगाती है तो कुल लागत का 50 फीसदी तक सब्सिडी मिलेगी। यह रकम अधिकतम 50 लाख रुपये तक सीमित है। यानी अगर एक करोड़ का प्रोजेक्ट लगाया जाता है तो आधी राशि केंद्र की ओर से दी जा सकती है।
• न्यूनतम यूनिट 50 मादा और 5 नर गधे
• सिर्फ स्वदेशी नस्ल पर ही सब्सिडी
• अधिकतम 50 लाख रुपये की कैपिटल सब्सिडी
• सब्सिडी दो किस्तों में जारी
घोड़े और ऊंट पालन भी स्कीम में शामिल
सरकार ने इस योजना में गधों के साथ-साथ इस स्कीम में घोड़ा और ऊंट पालन को भी कवर किया गया है। घोड़े के लिए 10 मादा और 2 नर की यूनिट तय है जबकि ऊंट के लिए यूनिट साइज के हिसाब से 3 लाख से 50 लाख तक सहायता दी जाएगी। अगर कोई राज्य सरकार नस्ल संरक्षण के लिए वीर्य स्टेशन या न्यूक्लियस प्रजनन फार्म खोलती है तो उसे 10 करोड़ रुपये तक की मदद दी जा सकती है।
आवेदन का प्रोसेस
इस योजना का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रोसेस के जरिए आवेदन करना होगा और बैंक लोन के साथ प्रोजेक्ट शुरू करना होगा। सब्सिडी सीधे लाभार्थी को जारी की जाती है और प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद दूसरी किस्त दी जाती है।
• आधार कार्ड
• बैंक खाता विवरण
• प्रोजेक्ट रिपोर्ट
• जमीन से जुड़े जरूरी दस्तावेज
ऐसे सभी युवा जो इस योजना का लाभ उठाना चाहते हैं तो राष्ट्रीय पशुधन मिशन के लिए आवेदन करने के लिए आधिकारिक वेबसाइट nlm.udyamimitra.in पर जाकर रजिस्ट्रेशन प्रोसेस पूरा किया जा सकता है।
