यूपीटीईटी के पिछले 12 सालों में रिपीट हुए ये 50 प्रश्न, परीक्षा से पहले पढ़ लें तो बढ़ सकता है आपका स्कोर UPTET 2026

Published on: March 2, 2026
Join WhatsApp
Join Now
Join Telegram
Join Now

UPTET 2026: उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा 2026 को लेकर अभ्यर्थियों के बीच तैयारी तेज हो गए हैं। परीक्षा 2, 3 और 4 जुलाई को आयोजित किए जाने की तैयारी उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा की जा रही है, जबकि आधिकारिक नोटिफिकेशन इसी माह जारी किया जा सकता है। प्रदेशभर में लाखों अभ्यर्थी लंबे समय से इस परीक्षा का इंतजार कर रहे हैं। तिथियों की जानकारी सामने आने के बाद तैयारी अब अंतिम चरण में पहुंचती दिख रही है। एक बार नोटिफिकेशन जारी होने के बाद अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। वहीं दूसरी ओर परीक्षा के लिए काफी कम समय बचा हुआ है ऐसे में परीक्षा से जुड़े सभी महत्वपूर्ण प्रश्न ऑन को देख लेना काफी फायदेमंद साबित हो सकता है।

UPTET परीक्षा पैटर्न और तैयारी

UPTET दो स्तरों पर आयोजित की जाती है। पेपर-1 प्राथमिक स्तर (कक्षा 1 से 5) के लिए तथा पेपर-2 उच्च प्राथमिक स्तर (कक्षा 6 से 8) के लिए होता है। दोनों पेपर में कुल 150 प्रश्न पूछे जाते हैं और प्रत्येक प्रश्न एक अंक का होता है। परीक्षा में नकारात्मक मार्किंग नहीं होता, लेकिन न्यूनतम अर्हता अंक प्राप्त करना जरूरी होता है। बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र  से 30 प्रश्न हमेशा पूछे जाते हैं, जो दोनों पेपर में अनिवार्य होते हैं। इसके अतिरिक्त भाषा-1, भाषा-2, गणित और पर्यावरण अध्ययन (पेपर-1) तथा गणित/विज्ञान या सामाजिक विज्ञान (पेपर-2) से प्रश्न शामिल होते हैं। पिछले वर्षों के विश्लेषण से स्पष्ट है कि CDP सेक्शन पास होने में निर्णायक भूमिका निभाता है। इसलिए तैयारी करते समय केवल रटने के बजाय सिद्धांतों की स्पष्ट समझ विकसित करना जरूरी हो जाता है। नियमित अभ्यास, पिछले वर्ष के प्रश्नपत्रों का विश्लेषण और मॉक टेस्ट इस दिशा में अभ्यर्थियों के लिए काफी मददगार साबित होता है।

पिछले वर्षों ले 50 महत्वपूर्ण प्रश्नों का फायदा

2011 से 2022 तक के प्रश्नपत्रों का अध्ययन बताता है कि बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र में कुछ मूल अवधारणाएं बार-बार पूछी गई हैं, विकास और वृद्धि का अंतर, विकास की दिशा, परिपक्वता और अधिगम का संबंध व्यक्तिगत भिन्नता तथा विकास के सिद्धांत जैसे विषय लगभग हर वर्ष किसी न किसी रूप में शामिल रहे हैं। प्रश्नों की भाषा बदल सकती है, लेकिन अवधारणा वही रहती है। यदि अभ्यर्थी इन प्रमुख विषयों को अच्छी तरह समझ लेता है, तो CDP में उच्च अंक प्राप्त करना कठिन नहीं है। किसी को ध्यान में रखते हुए हम 2011 से 2022 के बीच पूछे गए 50 महत्वपूर्ण प्रश्नों की जानकारी दे रहे हैं जो कई बार बार-बार पूछे गए हैं।

UPTET 2011–2022 के 50 महत्वपूर्ण रिपीट प्रश्न

  1. विकास का अर्थ क्या है? — गुणात्मक एवं मात्रात्मक परिवर्तन
  2. वृद्धि किस प्रकार का परिवर्तन है? — मात्रात्मक परिवर्तन
  3. विकास की प्रक्रिया कैसी होती है? — निरंतर (सतत)
  4. सिर से पैर की ओर विकास किस सिद्धांत को दर्शाता है? — Cephalocaudal सिद्धांत
  5. केंद्र से बाह्य की ओर विकास किस सिद्धांत को दर्शाता है? — Proximodistal सिद्धांत
  6. विकास किस दिशा में होता है? — सामान्य से विशिष्ट
  7. विकास किस अवधि तक चलता है? — जीवनपर्यंत
  8. विकास किससे संबंधित है? — सम्पूर्ण व्यक्तित्व से
  9. विकास की गति कैसी होती है? — व्यक्तिगत रूप से भिन्न
  10. विकास को सबसे अधिक कौन प्रभावित करता है? — वंशानुक्रम एवं वातावरण
  11. बाल विकास का अध्ययन शिक्षक के लिए क्यों आवश्यक है? — आयु-उपयुक्त शिक्षण हेतु
  12. मानसिक विकास किससे संबंधित है? — सोच एवं तर्क
  13. सामाजिक विकास का अर्थ क्या है? — समूह में समायोजन
  14. संवेगात्मक विकास किससे जुड़ा है? — भावनाओं से
  15. नैतिक विकास किससे संबंधित है? — सही-गलत की समझ
  16. विकास का मुख्य सिद्धांत क्या है? — क्रमबद्धता
  17. परिपक्वता का संबंध किससे है? — जन्मजात क्षमता से
  18. विकास और अधिगम का संबंध क्या है? — परस्पर पूरक
  19. विकास का अध्ययन क्या समझने में सहायक है? — व्यक्तिगत भिन्नता
  20. विकास का कौन सा क्षेत्र नहीं है? — आर्थिक
  21. वृद्धि सीमित होती है किस तक? — शारीरिक परिवर्तन तक
  22. विकास का स्वरूप कैसा है? — गुणात्मक एवं मात्रात्मक
  23. विकास अचानक होता है या क्रमिक? — क्रमिक
  24. विकास का सिद्धांत किस ओर संकेत करता है? — निश्चित क्रम
  25. क्या सभी बच्चों का विकास समान गति से होता है? — नहीं
  26. शिक्षक को शिक्षण किस आधार पर करना चाहिए? — आयु एवं विकास स्तर
  27. विकास की प्रक्रिया रुक-रुक कर होती है? — नहीं
  28. विकास बहुआयामी है या एकांगी? — बहुआयामी
  29. विकास में अनुभव की भूमिका क्या है? — महत्वपूर्ण
  30. विकास का संबंध केवल शरीर से है? — नहीं
  31. विकास का पहला चरण कौन सा है? — शारीरिक विकास
  32. विकास का अध्ययन किसे समझने में सहायक है? — व्यवहार
  33. विकास की दिशा पूर्वानुमेय होती है? — हाँ
  34. विकास का आधार क्या है? — परिपक्वता एवं अधिगम
  35. क्या विकास प्रतिवर्ती है? — नहीं
  36. विकास में वातावरण की भूमिका कैसी है? — महत्वपूर्ण
  37. विकास का संबंध किन-किन से है? — शारीरिक, मानसिक, सामाजिक, संवेगात्मक एवं नैतिक
  38. विकास की प्रक्रिया समान रहती है? — सिद्धांत समान, गति भिन्न
  39. विकास में परिवर्तन किस प्रकार के होते हैं? — प्रगतिशील
  40. विकास का अर्थ केवल वृद्धि है? — नहीं
  41. विकास का अध्ययन पाठ्यक्रम निर्माण में सहायक है? — हाँ
  42. विकास की शुरुआत कब से मानी जाती है? — जन्म से
  43. क्या विकास में व्यक्तिगत अंतर पाए जाते हैं? — हाँ
  44. विकास का संबंध केवल विद्यालय से है? — नहीं
  45. विकास का स्वरूप स्थायी है? — क्रमिक रूप से
  46. विकास किस प्रकार की प्रक्रिया है? — संगठित
  47. विकास में सबसे पहले नियंत्रण किस पर आता है? — सिर के भाग पर
  48. विकास का क्रम कैसा होता है? — निश्चित एवं पूर्वानुमेय
  49. विकास का प्रभाव किस पर पड़ता है? — व्यवहार एवं व्यक्तित्व पर
  50. विकास का अंतिम लक्ष्य क्या है? — संतुलित व्यक्तित्व निर्माण

UPTET परीक्षा पैटर्न से करें तैयारी

UPTET 2026 का शेड्यूल जारी होने के बाद अभ्यर्थियों के लिए यह समय रणनीतिक तैयारी का है। परीक्षा पैटर्न स्पष्ट है और पिछले वर्षों का विश्लेषण साफ बताता है कि CDP सेक्शन को मजबूत किए बिना सफलता मुश्किल है। ऊपर दिए गए 50 प्रश्न केवल एक सामान्य सूची नहीं, बल्कि उन मूल अवधारणाओं का महत्वपूर्ण सार हैं जो परीक्षा में बार-बार पूछी गई हैं। यदि अभ्यर्थी इन विषयों को गहराई से समझकर तैयारी करता है, तो परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन की संभावना काफी बढ़ जाती है। अभ्यर्थियों को इन प्रश्नों को रत्न के बजाय इन प्रश्नों की अवधारणाएं समझने की अधिक आवश्यकता होगी जो की परीक्षा में काफी मददगार साबित हो सकता है।