CBSE परीक्षा में 2 नए बदलाव, इस साल 10वीं 12वीं परीक्षाएं क्यों हैं अलग

Published on: February 28, 2026
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CBSE Exam Changes 2026: सीबीएसई बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं 17 फरवरी से शुरू हो चुकी हैं। लगभग 46 लाख से अधिक स्टूडेंट इस बार बोर्ड परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। इस बार दसवीं के छात्रों के लिए बोर्ड द्वारा एक अहम बदलाव किया गया है, वहीं 12वीं की परीक्षा को लेकर भी नया बदलाव किया जा रहा है। दसवीं के छात्र अगर अपने प्रदर्शन से संतुष्ट नहीं हैं, तो उन्हें दोबारा परीक्षा देने का मौका मिलेगा, लेकिन इसके लिए कुछ शर्तों को ध्यान में रखना होगा। दूसरी ओर 12वीं कक्षा की आंसर शीट को इस बार डिजिटल, यानी कि ऑन स्क्रीन मार्किंग सिस्टम के माध्यम से चेक किया जाएगा।

NEP 2020 के अंतर्गत किए गए यह बदलाव

बता दें, यह बदलाव राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत किए गए हैं। इन बदलावों का प्रमुख उद्देश्य परीक्षा के दबाव को कम करना तो है ही, साथ ही मूल्यांकन की प्रक्रिया को पारदर्शी और पहले से तेज बनाना है। अब छात्रों के मन में एक सवाल उठता है कि डिजिटल ऑन स्क्रीन मार्किंग सिस्टम क्या है और 10वीं की परीक्षा दो बार देने का क्या अर्थ निकलता है। इस परीक्षा के लिए कौन से छात्र योग्य माने जाएंगे, आइए जानते हैं सवालों के जवाब।

सीबीएसई परीक्षाओं में क्या होंगे बदलाव

सीबीएसई 2026 की परीक्षाओं के संचालन और कॉपियों के डिजिटल मूल्यांकन को लेकर एक वेबीनार में सीबीएसई के चेयरपर्सन, जो कि राहुल सिंह हैं, उन्होंने बताया कि इस बार बोर्ड परीक्षाओं में कई मेजर बदलाव किए जा रहे हैं, जिसमें दो बदलाव प्रमुख हैं।

पहले बदलाव की बात की जाए, तो दसवीं की बोर्ड परीक्षा दो बार आयोजित की जाएगी, यानी कि छात्रों को परीक्षा में सुधार करने का एक और मौका दिया जाएगा। वहीं दूसरा बदलाव 12वीं की परीक्षा में ऑन स्क्रीन लागू किया गया है, जिसके अंतर्गत सभी आंसर शीट को पहले स्कैन करके सेंट्रलाइज्ड डिजिटल सिस्टम पर अपलोड किया जाएगा। ऑन स्क्रीन मार्किंग करने का प्रमुख उद्देश्य आम गलतियों को कम से कम कर देना है, जिससे टोटल करने या फिर अंकों के जोड़ में किसी भी तरह की कोई खामी देखने को न मिले। इसके साथ-साथ कोई भी प्रश्न मूल्यांकन से न छूट पाए।

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दूसरी परीक्षा में क्या सभी स्टूडेंट्स शामिल हो सकते हैं?

हालांकि सीबीएसई द्वारा दूसरी परीक्षा में शामिल होने के लिए शर्तों को पूरा करना होगा। अगर कोई छात्र पहली परीक्षा में तीन या फिर उससे अधिक विषयों में उपस्थित नहीं होता है, तो उसे दूसरी परीक्षा में बैठने की अनुमति बिल्कुल नहीं दी जाएगी। छात्रों के लिए पहले बोर्ड परीक्षा में उपस्थित होना जरूरी है। जो छात्र-छात्राएं पास और पात्र हैं, वे सभी गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान और भाषा में से किसी भी तीन विषयों में अपने प्रदर्शन में सुधार के लिए परीक्षा में बैठ सकते हैं।

अगर कोई छात्र पहली परीक्षा में तीन या उससे अधिक विषयों में उपस्थित नहीं रहता है, तो ऐसे छात्रों को दूसरी परीक्षा में शामिल नहीं किया जाएगा। इन सभी छात्र-छात्राओं को एसेंशियल रिपीट श्रेणी में डाल दिया जाएगा और ऐसे सभी छात्र अगले साल फरवरी में होने वाली परीक्षा में ही शामिल हो सकते हैं। ऐसे छात्र, जिनका रिजल्ट पहली परीक्षा में कंपार्टमेंट आता है, तो उन्हें कंपार्टमेंट श्रेणी के अंतर्गत दूसरी परीक्षा में बैठने का मौका नहीं दिया जाएगा। कक्षा 10 पास करने के बाद अतिरिक्त विषय या फिर स्टैंड अलोन विषय लेने की भी परमिशन नहीं दी जाएगी।

कैसे दे सकते हैं दसवीं की दूसरी बोर्ड परीक्षा

बता दें, 10 मार्च को सीबीएसई की पहली परीक्षा समाप्त हो जाएगी। 11 से 12 मार्च के बीच लिस्ट ऑफ कैंडीडेट्स खोल दी जाएगी। अगर किसी छात्र को ऐसा लगता है कि पहली परीक्षा में उसके कम नंबर आए हैं या वह संतुष्ट नहीं है, तो लॉग के माध्यम से ऐसे सभी छात्र जानकारी दर्ज कर सकते हैं। पहली परीक्षा के बाद छात्रों को लगभग 15 से 20 दिनों का समय मिलेगा और उसके बाद रिजल्ट घोषित किया जाएगा। रिजल्ट आने के बाद लॉग दोबारा खोला जाएगा। अगर रिजल्ट के बाद सुधार के लिए कोई भी छात्र अपना नाम देना चाहता है, तो उसे आवेदन करना होगा। छात्रों को आवेदन करने के लिए बोर्ड द्वारा निर्धारित शुल्क देना होगा।

दूसरा बड़ा बदलाव 12वीं की कॉपियां डिजिटल चेक होंगी

इस बोर्ड परीक्षा का प्रमुख उद्देश्य बेहतर मूल्यांकन और स्मार्ट परीक्षाएं आयोजित करना है। साल 2026 की बोर्ड परीक्षा में टीचर्स के द्वारा कॉपियों का मूल्यांकन माउस के माध्यम से किया जाएगा। हालांकि दसवीं की परीक्षाओं का मूल्यांकन फिजिकल मोड में ही होगा। 12वीं की परीक्षा में 18 लाख से अधिक छात्र शामिल होंगे और 120 विषयों में आयोजित होने वाली इस परीक्षा की उत्तर कुंजी की संख्या लगभग 1 करोड़ के आसपास होगी। डिजिटल ऑन स्क्रीन मार्किंग के अंतर्गत आंसर शीट को स्कैन करके ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर अपलोड किया जाएगा और टीचर्स स्क्रीन पर बैठकर कॉपियों की जांच करेंगे।